जब मैने ब्लॉग बनाया था, पाँचवीं में पढ़ता था। अब मैं आठवीं की परीक्षाएं देने वाला हूँ।
बड़ा हो गया हूँ तो फोटो लेने के लिए कैमरा भी मिलने लगा है। यह फोटो खास उन लोगो के लिए मैने ली है जो चिप्स तो खाते है मगर पैकेट का क्या करना है नहीं जानते। कैसी लगी बताना।

यह फोटो मैंने पिछले दिनों सुन्दर बना दी गई कांकरिया झील के वहाँ घुमते हुए ली थी। फोटो पर क्लिक कर बड़ा देख सकते है।

ये हैं हमारे देश के असभ्य नागरिक …
उत्कर्ष तुम अभी से इस बारे में सोचते हो,
यह जानकार सुकून मिलता है कि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में जा रहा है।
हम अपनी तरह से कोशिश कर रहे हैं,
तुम भी अपने स्तर पर कोशिश करना,
शायद कुछ सकारात्मक परिवर्तन हों…
Dost, Yeh Jaagrukta Bahut Jaruri Hai, Log Monuments Dekhne Jaate hain aur is se bhi Bura Haal Paate Hain, Dirty Mind Lovers write their names on the walls and spoil our own heritage. Good Luck and Carry on…Good Job…
गलत बात है ये तो।
अहमदाबाद का छोटा बच्चा ब्लोग पर …… बहुत खुशी हुई। बस ऐसे ही लिखते रहो, मगर पढाई को मत भूलना।
galat baat he