
स्कूल मे छुटी हो गई थी और मे अपना सामान उठाकर क्लास से बहार नीकला और बस की और चल दिया. बस मे पहुचकर बाकी विद्यार्थीयो का इंतजार किया. कुछ ही देर मे वो भी आ गए.
और चालु हुई हमारी बस. बस का माहोल शांत था. इतने मे आ आ छिपकली छिपकली की आवाज आई. मेने झट से उठकर पिछे की ओर देखा तो पिछे बेठे सब लोग खडे होकर आगे आ गए थे. छिपकली से जो डरते थे. मेने सोचा उत्कर्ष तेरी तो मूराद पूरी हो गई. मेने सबसे कहा कि वे आगे आ जाएँ. और फिर मे पीछे जाकर मजे से सो गया. नीद जो आ रही थी.
is tirck se to tumar maje aa gae
अरे इतना छोटा बच्चा ब्लॉग पर ।
जानकर बेहद खुशी हुई।
अपनी मासूमीयत और शरारतों से हमारा बचपन लौटाते रहना।
मैं जब छोटा था तो सांप सांप चिल्लाया करता था!
यह पढ़ कर लगता है कि हिन्दी ब्लागिंग का भविष्य उज्जवल है
मैं तो अभी तक छिपकली से डरती हूँ
very good boy! take a snap in class, unh!
यूँ ही निरंतर अच्छा लिखते रहें ….
आपका और आपके ब्लॉग का स्वागत है
मेरी कलम – मेरी अभिव्यक्ति