मेरी दुनियाँ

छोटी छोटी बातें – उत्कर्ष की

खुद क्या चला रहे हो? September 15, 2007

Filed under: बस यूं ही — उत्कर्ष बेंगाणी @ 7:14 am

शाम थी, पापा और चाचु घर पर आ गए थे। आकर अचानक से पापा ने कहा, देश में बहुत परदुषण फैल गया है। हम सब को साईकल चलानी चाहिए क्योंकि उससे परदुषण नहीं फैलता और आदमी की एकसरसाइज भी हो जाती है। मैने सोचा वाह, पापा खुद कार चलाते है और हमको साईकल चलाने को कहते है।